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Which is a Better Option to Build a Retirement Corpus, see the calculation | NPS और PPF में रिटायरमेंट पर कौन देगा मोटा पैसा, यहां समझिए पूरी कैलकुलेशन

नई दिल्ली: रिटायरमेंट की प्लानिंग (Retirement Planning) हमें नौकरी मिलने के साथ ही शुरू कर देनी चाहिए. क्योंकि रिटायरमेंट के बाद अगर आप एक खुशहाल जिंदगी चाहते हैं, तो आपके पास अच्छा खासा रिटायरमेंट फंड (Retirement Corpus) होना चाहिए. जिसके लिए जरूरी है कि आप लंबे समय तक रिटायरमेंट के लिए निवेश करें.

आमतौर पर लोग रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए लोग Public Provident Fund (PPF) और National Pension System (NPS) को चुनते हैं. हालांकि दोनों ही आपकी रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए अच्छे विकल्प हैं. यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि PPF और NPS के जरिए रिटायरमेंट प्लानिंग में क्या फर्क है. और दोनों में से कौन बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. 

PPF से रिटायरमेंट प्लानिंग 

Public Provident Fund (PPF) को भारत में पहली बार 1968 में लाया गया था. इसका मकसद था कि लोग अपनी बचत को घर में न रखकर उसे निवेश करें और कुछ सालों बाद दोगुना रिटर्न पाएं. इसको ऐसे ही प्रचारित भी किया जाता था. आज के जमाने में भी इसकी पकड़ कम नहीं हुई है. लोग आज भी अपनी रिटायरमेंट के लिए PPF पर भरोसा करते हैं. PPF एक लंबी अवधि का निवेश है. जिस पर आपको एक तय ब्याज मिलता है. फिलहाल इस पर 7.1 परसेंट का ब्याज मिल रहा है. 

PPF की खास बातें 
100 रुपये में अकाउंट खोला जा सकता है, 500 रुपये से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं
एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं, इसके ऊपर निवेश पर ब्याज नहीं मिलेगा  
हर महीने 12 किश्तों में या एकमुश्त निवेश किया जा सकता है 
पोस्ट ऑफिस, सरकारी और निजी बैंकों में खोला जा सकता है
15 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, मतलब 15 साल तक आप पैसे निकाल नहीं सकते. 
6 साल पूरा होने के बाद यानी 7वें साल में आंशिक निकासी की इजाजत है 
15 सालों के दौरान हर साल कम से कम एक बार आपको निवेश करना होगा
PPF में सरकार की तरफ से गारंटी होती है, इसलिए रिस्क की गुंजाइश नहीं 

15 साल तक PPF में निवेश करने के बाद आप चाहें तो पूरा पैसा निकाल सकते हैं. PPF का निवेश पूरी तरह से E-E-E कैटेगरी में आता है. यानी निवेश, रिटर्न और मैच्योरिटी पर कोई टैक्स नहीं लगता है.

अब मान लीजिए आपने 30 साल की उम्र में PPF में निवेश शुरू किया था और हर साल 1.5 लाख रुपये इसमें डालते रहे. तो 15 साल बाद जब आप 45 साल के होंगे तो PPF मैच्योर हो चुका होगा. लेकिन अगर आप चाहते हैं कि रिटायरमेंट यानी 60 साल की उम्र तक ये चलता रहे तो आप इसे 5 के गुना में आगे भी बढ़ा सकते हैं. यानी 60 साल तक इसमें निवेश चालू रख सकते हैं. ये पूरी तरह से आपकी मर्जी पर है. तो चलिए देखते हैं कि जब आप रिटायर होंगे तो आपके पास कितनी रकम होगी.  

PPF से रिटायरमेंट 
ब्याज                        7.1%
निवेश की अवधि        30 साल
हर साल निवेश          1.5 लाख रुपये
कुल निवेश                45 लाख रुपये
कुल ब्याज                 1.09 करोड़ रुपये
मैच्योरिटी वैल्यू          1.54 करोड़ रुपये

यानी जब आप रिटायर होंगे तो PPF के जरिए करोड़पति बन चुके होंगे.

NPS से रिटायरमेंट प्लानिंग

ये केंद्र सरकार की एक योजना है, इसमें कोई भी व्यक्ति निवेश कर सकता है, पहले ये स्कीम सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए थी, बाद में सरकार ने इसे सबके लिए खोल दिया. ये कम रिस्क वाला निवेश विकल्प है, जो रिटायरमेंट के बाद आपको हर महीने पेंशन देगा.
बहुत लोगों को गलतफहमी होगी कि इसमें फिक्स्ड या गारंटीड रिटर्न मिलता है, जबकि ये मार्केट लिंक्ड स्कीम है, यानी इस पर मिलने वाला रिटर्न इक्विटी मार्केट पर निर्भर करता है. 

इसलिए NPS में PPF से ज्यादा रिटर्न मिलने की ज्यादा संभावना रहती है. NPS में सालाना औसत रिटर्न 8-10 परसेंट मिलता है. इसमें किया गया निवेश आप 60 साल की उम्र में ही निकाल सकते हैं. लेकिन तब भी आप पूरा पैसा नहीं निकाल सकते. आपको कुल रकम का 40 परसेंट हिस्सा पेंशन के लिए PFRDA रजिस्टर्ड इंश्योरेंस कंपनी में ही रखना पड़ता है, बाकी 60 परसेंट रकम आप निकाल सकते हैं, जो कि बिल्कुल टैक्स फ्री होता है. 

NPS की खास बातें 
अगर आपने लगातार 3 साल तक NPS में निवेश किया है तो कुछ कामों के लिए 25% रकम निकाल सकते हैं.
बच्चों की शादी, उनकी पढ़ाई या मेडिकल खर्चों जैसे कुछ कामों के लिए मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाल सकते हैं
NPS में निवेश की कोई सीमा नहीं है, लेकिन 80C के तहत साल में 1.5 लाख रुपये पर ही टैक्स छूट मिलेगी
टियर 1 अकाउंट में सालाना न्यूनतम 500 रुपये निवेश, टियर 2 अकाउंट में सालाना न्यूनतम निवेश 250 रुपये है

PPF की तरह ही मान लीजिए आपने 30 साल की उम्र में NPS में निवेश शुरू किया. तो 30 साल बाद जब आप 60 साल के होकर रिटायर होंगे. NPS एक मार्केट लिंक्ड प्रोडक्ट है इसलिए इस पर सालाना ब्याज 8 से 10 परसेंट के करीब रहता है. हर साल आप 1.5 लाख करोड़ रुपये निवेश करते हैं यानी महीने के हिसाब से 12500 रुपये हुए. 

NPS से रिटायरमेंट 

ब्याज                        9% (औसत)
निवेश की अवधि        30 साल
हर महीने निवेश       12500 रुपये  
कुल निवेश              45 लाख रुपये
कुल ब्याज              1.82 करोड़ रुपये

कितनी पेंशन मिलेगी 
एन्यूटी वैल्यू               92 लाख रुपये
एकमुश्त                  1.38 करोड़ रुपये
अनुमानित पेंशन      61482 रुपये/महीना
कुल वैल्यू                2.30 करोड़ (एन्यूटी+एकमुश्त )

NPS-PPF में कौन बेहतर
दोनों विकल्पों में से कौन बेहतर है ये आपकी पसंद और जरूरत पर निर्भर करता है. अगर आप 15 साल बाद ही एक मोटी रकम चाहते हैं, तो आप PPF में निवेश जारी रखेंगे और रिटायरमेंट की नहीं सोचेंगे. अगर आप रिटायरमेंट की सोच रहे हैं तो इसमें मंथली पेंशन का विकल्प नहीं होगा. PPF में सरकार गारंटीड रिटर्न देती है इसलिए रिटर्न भले ही कम हो, रिस्क भी कम होता है. 

NPS से पैसा आप 60 साल की उम्र में ही निकाल सकते हैं. तब भी आप सिर्फ 60 परसेंट पैसा ही एकमुश्त निकाल पाएंगे, बाकी 40 परसेंट पैसा पेंशन के लिए एन्यूटी प्लान में देना पड़ता है, जो हर महीने पेंशन के रूप में आपको मिलता है. अगर आप हर महीने पेंशन चाहते हैं तो NPS आपके लिए ही है. ये मार्केट लिंक्ड है इसलिए रिटर्न ऊपर नीचे रहेगा. PPF की तरह इसमें रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती, लेकिन आमतौर पर इसमें PPF से ज्यादा रिटर्न मिलता है. 

NPS-PPF में टैक्स 
दोनों ही विकल्पों में 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक टैक्स छूट मिलती है. 
मैच्योरिटी पर PPF ज्यादा फायदेमंद साबित होता है क्योंकि ये EEE कैटेगरी में आता है. यानी निवेश, रिटर्न और मैच्योरिटी की रकम पर कोई टैक्स नहीं लगता है.
NPS की मैच्योरिटी पर आप 60 परसेंट रकम निकाल सकते हैं, जिस पर कोई टैक्स नहीं लगता है. जबकि बाकी 40 परसेंट से आपको एन्यूटी प्लान खरीदना होता है, जिस पर टैक्स चुकाना पड़ता है. 

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