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We were shocked by Aamer Sohail’s behaviour, says Waqar Younis on World Cup 1996 incident| वकार यूनिस ने वर्ल्ड कप 1996 को किया याद, कहा- ‘आमिर सोहैल के बर्ताव से हम हैरान थे’

लाहौर: पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वकार यूनिस (Waqar Younis) ने कहा कि जब वर्ल्ड कप 1996 में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला चल रहा था, तब मैच के दौरान वो और उनकी टीम के बल्लेबाज आमिर सोहैल के बर्ताव से हैरान रह गए थे. भारत ने बेंगलुरु में ये क्वार्टर फाइनल मैच 39 रन से जीत लिया था. इस मैच में आमिर सोहैल पाक टीम की कप्तानी कर रहे थे. पाक को जीत के लिए 288 रन बनाने थे. और एक वक्त ऐसा था जब मेहमान टीम काफी मजबूत स्थिति में थी.

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लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान टीम ने 15वें ओवर में 1 विकेट खोकर 109 रन बना लिए थे. तभी आमिर सोहैल (Aamer Sohail) ने वेंकटेश प्रसाद (Venkatesh Prasad) की गेंद पर कवर प्वाइंट की तरफ चौका लगा दिया. आमिर ने प्रसाद को चिढ़ाते हुए बाउंडी की तरफ बैट से इशारा किया. शायद आमिर कह रहे हों कि वो दोबारा वहीं बाउंड्री लगाएंगे, लेकिन अगली ही गेंद पर प्रसाद ने आमिर के पीछे ऑफ स्टंप को उखाड़ते हुए उन्हें क्लीन बोल्ड कर दिया.

इस घटना पर रिएक्शन देते हुए वकार यूनिस ने कहा है कि, ‘ईमानदारी से कहूं तो, जिस तरह वो (आमिर सोहैल) बर्ताव कर रहे थे, उसे देखकर हमलोग हैरान हो गए थे, वो मैदान के हर कोने में गेंद को हिट कर रहे थे, फिर उन्हें ऐसा करने की क्या जरूरत थी? मुझे लगता है कि वो दबाव में आ गए थे.

वकार ने आगे कहा कि, ‘वो अच्छी बल्लेबाजी कर थे, बेहतर स्थिति में दिख रहे थे. मुझे लगता है कि उन्होंने कम गेंदों में 55 रन बनाए थे (46 गेंदों में 55 रन) और सईद अनवर भी अच्छा खेल रहे थे. हमने अपना पहला विकेट तब खोया जब हम 10 ओवर में 85 रन के आसापास थे (84 रन). हम लक्ष्य की तरफ बढ़ रहे थे तभी हमने सईद अनवर का विकेट गंवा दिया और फिर आमिर सोहैल चले गए, वहीं मामला गड़बड़ हो गया. फिर इंजमाम उल हक और एजाज अहमद भी जल्द ही पवेलियन लौट गए.’

वकार ने कहा कि, ‘जीत का पूरा श्रेय अनिल कुंबले और प्रसाद को जाता है, उनकी गेंदबाजी से पाकिस्तान टीम के खिलाड़ी दबाव में आ गए थे, और हमने इंजमाम और एजाज का विकेट भी अगले कुछ ओवर्स में गंवा दिया, उस वक्त काफी मुश्किल आ गई थी. हमने उस मैच में कई गलतियां की थीं, जावेद मियांदाद भी उस मैच में खेल रहे थे, उन्हें नंबर 4 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा जाना चाहिए था, लेकिन हमने उन्हें नंबर 6 पर रखा, ऐसा करने का कोई फायदा नहीं था, क्योंकि वो अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर थे, खैर वो अच्छा मैच था, और टीम इंडिया पूरी तरह जीत की दावेदार थी.’
(इनपुट-आईएएनएस)

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