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Mohammad Hafeez Hits Back At Ramiz Raja Comments On Backing Veteran Cricketers, said my 12-year-old son cricket awareness is better than Ramiz bhai| Mohammad Hafeez ने Ramiz Raja की तुलना अपने 12 साल के बेटे से क्यों की? जानिए वजह

नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रमीज राजा (Ramiz Raja) और सीनियर ऑलराउंडर मोहम्मद हफीज (Mohammad Hafeez) के बीच एक मुद्दे को लेकर जुबानी जंग देखने को मिली. हफीज और शोएब मलिक अब रिटायरमेंट के कगार पर हैं ऐसे में रमीज राजा का मानना है कि टी-20 वर्ल्ड कप 2021 तक इन दोनों खिलाड़ियों को मौका नहीं दिया जाना चाहिए. हफीज को रमीज की ये बात पसंद नहीं आई और उन्होंने इस बात पर पलटवार किया है.

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मोहम्मद हफीज और शोएब मलिक लंबे वक्त से पाकिस्तान क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे हैं. हफीज ने हाल में ही इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन किया था. उन्होंने दूसरे और तीसरे टी-20 मैच में शानदार अर्धशतक लगाया और सीरीज को ड्रॉ कराने में मदद की. 39 साल के इस खिलाड़ी ने पीएसएल 2020 (PSL 2020) के 13 मैचों में 312 रन बनाए और टूर्नामेंट के तीसरे सबसे बड़े रन स्कोरर बने. उन्होंने लाहौर कलंदर्स (Lahore Qalanders) को फाइनल में पहुंचाने में अहम योगदान दिया

वहीं शोएब मलिक (Shoaib Malik) की बात करें तो वो फिलहाल 38 साल के हैं और वो इंटरनेशनल क्रिकेट में अच्छे फॉर्म में नहीं हैं. हालांकि पाकिस्तान सुपर लीग 2020 (Pakistan Super League) में पेशावर जल्मी (Peshawar Zalmi) की तरफ से खेलते हुए उन्होंने 9 मैचों में 278 रन बनाए, जिसमें 3 अर्धशतक शामिल हैं. वो इस टूर्नामेंट के 5वें सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 7वें बल्लेबाज हैं.

रमीज राजा ने कहा है कि, ‘ये पाकिस्तानियों की सामान्य मानसिकता है कि वर्ल्ड कप में मैच जीतने के लिए कई अनुभवी खिलाड़ियों की जरूरत होती है. मैं तजुर्बे की अहमियत को समझता हूं, लेकिन फिर भी मैं मानता हूं कि युवा खिलाड़ियों के लिए इतनी जगह होनी चाहिए कि वो आएं और अच्छा प्रदर्शन करें. अनुभव को नकारा नहीं जा सकता उसी तरह 37 या 38 साल के खिलाड़ियों के सहारे भी रहना सही नहीं है, जब वो एक नहीं 3 या 4 हों.’

मोहम्मद हफीज ने इस कमेंट को लेकर रमीज राजा पर तंज कसते हुए कहा, ‘पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक खिलाड़ी के तौर पर रमीज के योगदान को मैं नकार नहीं रहा हूं. मैं उनके विचार का सम्मान करता हूं, लेकिन उनके क्रिकेट की समझ और खेल के प्रति उनकी जागरूकता को लेकर मुझे संदेह है. अगर आप मेरे 12 साल के बेटे से बात करेंगे तो उसके खेल की समझ रमीज भाई से बेहतर है.’

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