नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 13वें सीजन में जहां चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) के औसत दर्जे के खेल से क्रिकेट विशेषज्ञ हैरान हैं, वहीं भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने तो सीएसके (CSK) के लचर प्रदर्शन पर कटाक्ष करते हुए उसके बल्लेबाजों की तुलना सरकारी कर्मचारियों से कर दी है. उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolakata Knight Riders) के खिलाफ जीता हुए मैच हार गई चेन्नई के लिए कहा कि उनके कुछ बल्लेबाज फ्रेंचाइजी को ‘सरकारी नौकरी’ जैसा मानते हैं, जिसमें प्रदर्शन के बिना भी वेतन मिलना पक्का रहता है.

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जीत के करीब थी चेन्नई अचानक हार गई
दरअसल कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ बुधवार को चेन्नई सुपर किंग्स को जीत के लिए 168 रन का लक्ष्य मिला था. लक्ष्य का पीछा करते समय टीम एक समय ओपनिंग बल्लेबाज शेन वाटसन (Shane Watson) की अर्धशतकीय पारी से जीत के लिए बेहतर स्थिति में थी. लेकिन इसके बाद अचानक मैच का रुख पलट गया और बल्लेबाजों के बेहद खराब प्रदर्शन के कारण टीम पांच विकेट पर 157 रन ही बना सकी और मैच हार गई. यह पिछले पांच मैचों में टीम की चौथी हार थी.

सहवाग ने कहा, हासिल करना चाहिए था ये लक्ष्य
सहवाग ने कहा, इस लक्ष्य को हासिल किया जाना चाहिए था. केदार जाधव (Kedar Jadhav) और रविन्द्र जडेजा (Ravindra Jadeja) के डॉट गेंद खेलने से टीम को मदद नहीं मिली. उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि चेन्नई सुपर किंग्स के कुछ बल्लेबाज फ्रेंचाइजी के लिए खेलने को सरकारी नौकरी की तरह मानते हैं. आप प्रदर्शन करें या न करें, उन्हें पता है कि उन्हें अपना वेतन समय पर मिलेगा.

4 ओवर में टीम ने बनाए थे महज 14 रन
केकेआर के खिलाफ मैच के दौरान वाटसन और अंबाती रायुडू (Ambati Rayudu) की जोड़ी के आउट होने के समय टीम का स्कोर 3 विकेट पर 101 रन था. टीम ने 11वें से 14वें ओवर में सिर्फ 14 रन बनाए. ड्वेन ब्रावो (Dwayne BRAVO) से पहले बल्लेबाजी के लिए भेजे गए जाधव 12 गेंद में सिर्फ सात रन (नाबाद) बना सके. इसका नतीजा ये रहा कि टीम के हार का सामना करना पड़ा.

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