Breaking News

Google, Facebook and Microsoft oppose Trumps Students Visa rule | स्टूडेंट वीजा: Google और Facebook ने बनाया ट्रंप प्रशासन पर दबाव, उठाया ये कठोर कदम

नई दिल्ली: अमेरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा स्टूटेंड वीजा (Students Visa) पर रोक लगाने के बाद विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं. हाल ही में टॉप यूनिवर्सिटीज द्वारा ट्रंप सरकार के विरोध में उतरने के बाद Google, Facebook  और Microsoft भी जंग में शामिल हो गए हैं. तमाम बड़ी आईटी कंपनियों (IT Companies) ने स्टूडेंट वीजा बहाल करने की मांग की है..

आईटी कंपनियां भी केस में शामिल
गूगल, फेसबुक और माइक्रोसॉफ्ट समेत अमेरिका की कई शीर्ष आईटी कंपनियां आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) के नये नियम के खिलाफ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की तरफ से दायर वाद में पक्ष बन गई हैं. अब ये सभी संगठन साथ मिलकर ट्रंप सरकार के नए आदेश का विरोध करेंगी.

क्या है आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) नियम
इस नियम के मुताबिक विदेशी छात्रों को कम से कम एक पाठ्यक्रम ऐसा लेना होगा, जिसमें वह व्यक्तिगत रूप से कक्षा में उपस्थित रह सकें अन्यथा उन्हें निर्वासित होने के जोखिम का सामना करना होगा. अस्थायी निरोधक आदेश और प्रारंभिक निषेधाज्ञा का अनुरोध कर रही इन कंपनियों, अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स और अन्य आईटी पैरोकारी समूहों का कहना है कि छह जुलाई का IEC निर्देश नियुक्ति की उनकी योजनाओं को प्रभावित करेगा और उनके लिए अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अपने कारोबार में शामिल करना मुश्किल हो जाएगा. उनका कहना है कि छह जुलाई के निर्देश से बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए सीपीटी और ओपीटी कार्यक्रमों में हिस्सा लेना असंभव हो जाएगा.

जानकारों का कहना है कि सर्कुलर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (CPT) कार्यक्रम‘किसी छात्र के संस्थान के साथ हुए सहकारी समझौतों के तहत प्रायोजक नियोक्ताओं द्वारा दिए गए वैकल्पिक कार्य/ अध्ययन, इंटर्नशिप, सहकारी शिक्षा या अन्य प्रकार की इंटर्नशिप की अनुमति देता है. वहीं, ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) कार्यक्रम एक साल तक का अस्थायी रोजगार देता है जो अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी द्वारा पढ़े गए मुख्य विषय से सीधे तौर पर जुड़ा होता है और यह स्नातक होने से पहले या विद्यार्थी की पढ़ाई पूरी होने के बाद कभी भी उसे दिया जा सकता है.

कंपनियों का कहना है कि अमेरिकी कंपनियों की नियुक्ति प्रक्रिया में आधे से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को शामिल नहीं होने देने से कंपनी और पूरी अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा तथा विद्यार्थियों का भरोसा भी कम होगा. इन कंपनियों के अलावा 17 राज्यों एवं कोलंबिया जिला ने भी नयी अस्थायी वीजा नीति के खिलाफ सोमवार को वाद दायर किया.

ये भी पढ़ें: घर बैठे WhatsApp से ही निपटाएं बैंक के काम, एकदम आसान और Free है ये सुविधा

गृह सुरक्षा मंत्रालय और आईसीई के खिलाफ मैसाचुसेट्स जिला अदालत में दायर वाद में 18 महाधिवक्ताओं ने संघीय सरकार की ‘वैश्विक महामारी के बीच अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को बाहर निकालने की क्रूर, असंगत एवं गैरकानूनी कार्रवाई’ को चुनौती दी है.

 

ये भी देखें-



Zee News Hindi: Business News
<

Check Also

Clove and milk are extremely beneficial for men janiye doodh or long ke fayde brmp | Health News: शादीशुदा पुरुष इस वक्त दूध में डालकर पीएं 3 लौंग, मिलेंगे जबरदस्त फायदे

नई दिल्ली: आपने अब तक हल्दी, इलायची के साथ दूध का पीया होगा, लेकिन क्या …

Ontario law change could mean ‘uncertain’ future for conservation areas

The Mississippi Valley Conservation Authority says proposed changes to the Conservation Authorities Act in Ontario could …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *