नई दिल्ली: देश के गृह मंत्री अमित शाह ने ZEE NEWS के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी के साथ खास बातचीत में सुशांत सिंह राजपूत मामले से लेकर TRP स्कैम तक की बात की. ZEE NEWS के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी ने गृह मंत्री अमित शाह से पूछा कि सुशांत सिंह की मौत इस साल की सबसे बड़ी खबरों में से एक थी, लेकिन इस खबर की कवरेज ने भारत की मीडिया पर भी कई सवाल खड़े कर दिए. सुशांत सिंह की खबर के बहाने TRP बटोरने वाला मीडिया का एक हिस्सा अपने सभी दायरों से बाहर निकल गया और फिर ये सिलसिला हाथरस और ऐसे ही दूसरे मुद्दों की कवरेज तक पहुंच गया. एक गृह मंत्री के तौर पर और एक आम आदमी के तौर पर अमित शाह इस दौर की मीडिया के बारे में क्या सोचते हैं. 

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर क्या करना है ये खुद मीडिया को तय करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं मीडिया जगत के लोगों को कोई एडवाइज नहीं देना चाहता लेकिन बैलेंस करने की जरूरत है. ऐसा जनता भी महसूस कर रही है.

सवाल-  बिहार में सुशांत बड़ा चुनावी मुद्दा बन चुके हैं?
जवाब- हो सकता है कि कुछ लोग इस मुद्दे पर भी वोट डालें मगर दो चीजें एक साथ हुईं. इतना विवाद हुआ. मुझे आश्चर्य इस बात का था कि महाराष्ट्र सरकार ने क्यों सीबीआई को केस पहले नहीं दे दिया. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को फैसला करना पड़ा. परिवार की मांग पर पहले ही सीबीआई को केस दे देते तो बात खत्म हो जाती. खैर, मीडिया ने भी इस मामले को ज्यादा तूल दिया.

सवाल- एनसीबी आपके अधीन है, सीबीआई भी आपके पास है तो क्या आपने कुछ उनको निर्देश दिया?
जवाब- एजेंसियों को मेरा निर्देश देने का कोई सवाल ही नहीं बनता. सभी स्वतंत्र रूप से जांच कर रहे हैं. मामले की न्यूट्रल जांच होनी चाहिए. नरेंद्र मोदी सरकार इस बात में विश्वास नहीं रखती कि एजेंसियों की जांच में कोई राजनीतिक निर्देश दिए जाएं.

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सवाल- तो आपकी तरफ से इस मामले को लेकर कोई ब्रीफिंग नहीं थी?
जवाब- ब्रीफिंग एक भी नहीं हुई. हमने इतना कहा है कि जो सच है, उसे जनता के सामने रखिए. अदालत के सामने रखिए.

सवाल- पिछले 6 महीनों में अदालतों और थानों में मीडिया को लेकर जितने मामले आए उतने पहले नहीं देखे गए. अदालत सरकार से पूछती है कि आप क्या कर रहे हैं? थानों में मामले जाते हैं तो राजनीति होती है. क्या टीआरपी घोटाले को लेकर आप चिंतित हैं?
जवाब- संदेहास्पद स्थिति किसी भी क्षेत्र में हो, वो समाज और सरकार के लिए चिंता का विषय होती है. इस मामले पर मैं अभी कुछ नहीं सकता लेकिन जिस प्रकार से विगत कुछ दिनों से न्यूज आ रही हैं, मुझे लगता है कि व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की जरूरत है और कम से कम इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए.

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