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आयकर विभाग ने केरल में ईसाई प्रचारक, उसके गिरिजाघर समूहों पर की छापेमारी

दिल्ली: आयकर विभाग ने केरल के एक स्वयंभू ईसाई प्रचारक के कई परिसरों पर छापेमारी की है. प्रचारक के ऊपर आरोप है कि उसने गरीबों के नाम पर विदेश से धन जुटाया और उसका इस्तेमाल रियल एस्टेट क्षेत्र में व अपने निजी निवेश में किया. सीबीडीटी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी.

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा कि यह कार्रवाई गुरुवार को की गयी. इसके तहत केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, चंडीगढ़, पंजाब और तेलंगाना जैसे राज्यों में 66 परिसरों की तलाशी ली गयी. सीबीडीटी ने कहा कि जिस व्यक्ति के ऊपर यह कार्रवाई की गयी है, वह केरल के तिरुवला का स्वयंभू ईसाई प्रचारक है. उस व्यक्ति और उसके कई न्यासों के समूह को परोपकारी व धर्मार्थ न्यास के तौर पर आयकर अधिनियम 1961 के तहत छूट प्राप्त है.

सीबीडीटी ने बयान में संबंधित व्यक्ति या उसके समूह का नाम नहीं बताया है, लेकिन आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार संबंधित समूह बीलीवर्स ईस्टर्न चर्च है. बयान में कहा गया, ‘समूह देश भर में कई पूजास्थलों, विद्यालयों, कॉलेजों तथा केरल में एक मेडिकल कॉलेज और एक अस्पताल का संचालन करता है.’ सीबीडीटी ने कहा कि छापेमारी में करीब छह करोड़ रुपये की अघोषित नकदी बरामद की गयी. इसमें दिल्ली के एक पूजास्थल से बरामद 3.85 करोड़ रुपये शामिल है. इनके अलावा बड़ी मात्रा में डेटा स्टोरेज व अन्य कंप्यूटर संबंधी उपकरण भी बरामद किये गये.

बोर्ड ने कहा, विश्वसनीय जानकारी प्राप्त हुई थी कि समूह को गरीबों और निराश्रितों की मदद के लिये विदेश से दान प्राप्त हुआ है, लेकिन वास्तव में इस तरह की कर-मुक्त निधि का अचल संपत्ति लेनदेन में व्यक्तिगत व अन्य अवैध खर्चों के लिये बेहिसाब नकद लेनदेन में इस्तेमाल किया गया था. बोर्ड ने कहा कि तिरुवला स्थित समूह देश भर में पंजीकृत लगभग 30 न्यास संचालित करता है और उनमें से ज्यादातर “केवल कागज पर मौजूद हैं.’

(इनपुट- एजेंसी भाषा)

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